शुक्रवार, 14 दिसंबर 2012

Implementation of Foreign Students Information System in India

विदेशी विद्यार्थियों का डाटाबेस बनेगा देश में

सचिन यादव नई दिल्ली | Dec 15, 2012, 01:42AM IST
 
 
31 मार्च, 2013 तक यह लागू हो जाएगी देश के हर जिले में

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन - सभी शैक्षिक संस्थानों को अपने विदेशी विद्यार्थियों की जानकारी देनी होगी, जहां उन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और इसे फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन अधिकारी मंजूरी देगा। हर संस्थान को एफएसआईएस सिस्टम में एक यूनिक आईडी नंबर मिलेगा और उन्हें हर विदेशी के एडमिशन के लिए सी फॉर्म भरना होगा।

बाहरी देशों से आने वाले विद्यार्थी पढ़ाई के बहाने अब कोई गड़बड़ी करेंगे तो डाटाबेस के जरिए उन पर केंद्र सरकारी की नजर रहेगी। इसी को ध्यान में रखकर देश भर में पढ़ रहे तमाम विदेशी छात्र-छात्राओं का डाटाबेस तैयार करने की योजना शुरू की जा रही है।

नेशनल ई गवर्नेंस प्लान के तहत गृह मंत्रालय देश भर में पढ़ रहे विदेशी छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यह डाटाबेस तैयार कर रहा है। इसके लिए गृह मंत्रालय ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के जरिए यूजीसी और एआईसीटीई समेत अन्य शैक्षिक संस्थानों व विश्वविद्यालयों को इस योजना के बाबत पत्र लिखे हैं।

शुरूआत में इस प्रोजेक्ट को देश के चुनिंदा 12 शहरों में ही लागू किया जा रहा है। इन शहरों में चेन्नई, बेंगलुरू, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अमृतसर, कोलकत्ता, हैदराबाद, अमृतसर, कोलकत्ता, कोच्चि, कोझिकोड़, तिरूवनंतपुरम, लखनऊ, गोवा को शामिल किया गया है। इन शहरों में स्थित शैक्षिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों से फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन सेंटर से संपर्क करने के लिए कहा गया है।

इसके लिए एनआईसी ने एक ऑनलाइन सॉफ्टवेयर डेवलप किया है। इस ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के जरिए विदेशी छात्रों की पढ़ाई, उनकी सुरक्षा और गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। इसे 31 मार्च, 2013 तक देश के सभी जिलों में लागू करने की योजना है। इस दौरान फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर को संबंधित सॉफ्टवेयर की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
http://business.bhaskar.com/article/database-of-foreign-students-in-the-country-will-4112788-NOR.html