मंगलवार, 15 मई 2012

आठ दिनों के भीतर दिल्ली में बढ़ी 850 मेगावाट की मांग

कटौती का प्लान
बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए वितरण कंपनियां आने वाले दिनों के लिए बिजली कटौती का प्लान बना रही हैं। वितरण कंपनी टीपीडीडीएल ने अगले तीन दिनों में बिजली कटौती का प्लान पहले ही बना लिया है।

गर्मी बढऩे के साथ ही राजधानी दिल्ली में बिजली की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। मात्र आठ दिनों के भीतर मांग बढऩे से बिजली की खपत में 851 मेगावाट की बढ़ोतरी हो गई है। दिल्ली में 4 मई को बिजली की मांग 3,782 मेगावाट के स्तर पर थी जो 11 मई को बढ़कर 4,633 मेगावाट के स्तर पर पहुंच गई है।

बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली वितरण कंपनियां आने वाले दिनों में बिजली कटौती का प्लान पहले से बना रही हैं। बिजली वितरण कंपनी टीपीडीडीएल ने अगले तीन दिनों में बिजली कटौती का प्लान पहले ही बना लिया है। बिजली वितरण कंपनी टीपीडीडीएल के एक अधिकारी ने बताया कि अधिक मांग के समय सही से आपूर्ति होती रहे, इसलिए मेंटीनेंस के कार्य को पूरा करने के लिए आगामी दिन के बिजली कटौती प्लान को पहले से घोषित कर दिया है।

बादली, बवाना, सिविल लाइंस, केशवपुरम, मंगोलपुरी, माडल टाउन, मोतीनगर, नरेला, पीतमपुरा, रोहिणी, शालीमार बाग क्षेत्र के कई इलाकों में की जाएगी।  बीवाईपीएल के एक अधिकारी ने बताया कि आमतौर पर बिजली की मांग के नए रिकॉर्ड जुलाई-अगस्त में बनते हैं, लेकिन  बीवाईपीएल इलाके में बिजली की मांग ने गुरूवार यानी, 10 मई को ही नया रिकॉर्ड बना डाला।

गुरूवार को बीवाईपीएल इलाके में बिजली की मांग बढ़कर 1,237 मेगावॉट हो गई। पिछले साल अगस्त में बीवाईपीएल ने पीक डिमांड का रिकॉर्ड बनाया था, जो 1,198 मेगावॉट था। पिछले वर्ष बिजली की मांग 5,028 मेगावाट के स्तर पर पहुंच गई थी।

दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड के एक अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष बिजली की मांग 5,500 मेगावाट के आंकड़े को पार कर सकती है। बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। वर्ष 2002 में बिजली की खपत 3,097 मेगावाट, 2007 में 4,030 मेगावाट, 2009 में 4,408 मेगावाट के स्तर पर, वर्ष 2010 में 4,720 पहुंच गई थी।
http://business.bhaskar.com/article/increased-demand-of-850-mw-in-delhi-within-eight-days-3260614.html