रविवार, 25 सितंबर 2011

अच्छा लगता है

बातों में उसकी खूबसूरती ढूंढता हूँ मैं
पल भी हसीं है और वो भी हसीं
उसका पास से गुज़र जाना
अच्छा लगता है
अपनी बातों में किसी तरह मेरा जिक्र आना
अच्छा लगता है
उससे नज़रे न मिला पाना
पास आते ही धड़कन का बढ़ जाना
अच्छा लगता है.
उसका एहसास उसकी बातों से करता हूँ
लेकिन अब उसकी आवाज़ सुने हुए अरसा बीत गया
फिर भी उसकी यादों को नज़रो मैं बसाता हूँ
अपना बीता हुआ कल सामने लाता हूँ
खुद पर हसी आती है
पर अच्छा लगता है.