बुधवार, 8 सितंबर 2010

श्रमिकों की कमी से जूझ रहा स्टील यूटेनस्लिस उद्योग


श्रमिकों की कमी से जूझ रहा स्टील यूटेनस्लिस उद्योग दिल्ली
देश का स्टील उद्योग जगत श्रमिकों की कमी से जूझ रहा है। श्रमिकों की कमी से स्टील उत्पादन में लगे व्यापरियों को दि€कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही जो भी श्रमिक मिलतें हैं वह काफी ऊँ चे दाम वसूल कर रहे हैं। इस समय बाजार में २५ से ३० फीसदी श्रमिकों की कमी आ गई है।
स्टैनलेस स्टील यूटेनस्लिस टे्रडर्स एसोसिएशन दिल्ली के अध्यक्ष सतपाल गुप्ता ने बताया कि इस समय बाजार में ३० फीसदी से अधिक श्रामिकों की कमी है। जबकि श्रमिकों के वेतन को ३००० रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर ५२०० रुपये प्रतिमाह किया जा चुका है। इसके बावजूद बाजार में श्रमिक नहीं मिल रहे हैं।
दिल्ली स्टेनलैस स्टील ट्रेड फेडरेशन के अध्यक्ष जे. के. बंसल ने बताया कि पिछले दो महीनों से अचानक श्रमिकों की कमी में काफी कमी आई है। श्रमिकों की कमी से बाजार में उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। साथ ही इससे स्टील के उत्पादों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
राजस्थान स्टेनलैस स्टील रिरोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भंवर लाल चोपड़ा ने बताया कि यहां श्रमिकों की समस्या से काफी जूझना पड़ रहा है। साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों का पलायन अपने राज्यों में होता जा रहा है €योंकि अब उनकों अपने राज्यों में ही रोजगार मिलता जा रहा है।
उन्होंने बताया कि श्रमिकों की कमी से स्टील उत्पादों के दाम ७ से १० फीसदी तक बढ़ गए हैं। भविष्य में स्टील के दाम और अधिक बढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में मांग की अधिकता होने के कारण उत्पादन समय से करने पर अधिक जोर रहता है। लेकिन इस बार श्रमिकों की कमी से स्टील उत्पादन में दि€कत आ रही है जिससे समय से आर्डर पूरा करना भी मुश्किल हो सकता है।
गुजरात स्टेनलेस स्टील रीरोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उघम राम हुंडिया ने बताया कि बाजार में दो महीने पहले तक ३० से ४० फीसदी तक श्रमिकों की कमी थी। इस समय बाजार में श्रमिक वापस आए हैं लेकिन अभी भी श्रमिकों की कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस समय बाजार में हेल्पर का मासिक वेतन ४५०० रुपये कर दिया गया है। जबकि अनुभवी श्रमिक को ६००० रुपये प्रतिमाह तक का वेतन भी दिया जा रहा है।
सचिन यादव