रविवार, 27 अप्रैल 2008

मेरे अपने

क्या इस यूनिवर्सिटी को कभी भुलाया जा सकता है जहा हमको इतना कुछ पता चलता है की आप क्या है ? क्यो कभी इस यूनिवर्सिटी को छोड़ने का मन तक नही करता है । शायद इतना प्यार भी अच्छा नही है किसी को इतना प्यार करो लेकिन यह मैंने बहुत कुछ पाया है इसलिए मेरा पहला प्यार मेरी यूनिवर्सिटी ही है.

2 टिप्‍पणियां:

Mukul ने कहा…

kisi ko itna mat chaho wo bewafa ho jayega

VIKAS KUMAR ने कहा…

kuch tbiyat he mili esi ke chain se jeni ke surat na hui.jise caha use paa na ski jo mila uuse muhabat na hui.
caho mager dil se. thoda muskil hai lakin yahi jindgi hai.so kipd up