बुधवार, 10 जुलाई 2013

Government has no control of Prices of Packeged Bottle water


सरकार ने खड़ें किए हाथ, कहा बोतलबंद पानी की कीमतों पर कोई कंट्रोल नहीं
सचिन यादव नई दिल्ली | Jul 08, 2013, 11:51AM IST

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गणित - कंपनियों को हो रहा है करोड़ों रुपये का फायदा

गोलमाल - मॉल में कई कंपनियों की एक लीटर पानी की बोतल 40 रुपये एमआरपी पर बेची जा रही है और पानी की वही बोतल मॉल के बाहर 18 रुपये एमआरपी पर मिल रही है

जागो ग्राहक जागो से उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करने वाली केन्द्र सरकार बोतल बंद पानी के मामले में खुद सोई हुई प्रतीत हो रही है। अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति लोगों जागरुक करने के लिए विज्ञापन पर करोड़ों रुपये बहाने वाली सरकार के पास देश में बिक रहे ब्रांडेड पैकेज्ड वाटर के बारे में भी पूरी जानकारी नहीं है। पूरे देश में कितने ब्रांड नाम से पानी की बिक्री हो रही है, इस बारे में सरकार को कोई जानकारी नहीं है।
सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार, सरकार को नहीं मालूम कि बोतल बंद पानी की कीमतों को कौन नियंत्रित कर रहा है। केन्द्र सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय से इस बाबत आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई थी कि देश में कितने ब्रांड नामों से पैकेज्ड वाटर की बिक्री हो रही है।
केन्द्र सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय को मॉल और मॉल के बाहर बोतल बंद की पानी बिक्री की बिक्री अगल-अलग एमआरपी पर होने का प्रश्न अनुमानित लगता है जबकि मॉल में कई कंपनियों के एक लीटर पानी की बोतल 40 रुपये एमआरपी पर बेची जा रही है और पानी की वही बोतल मॉल के बाहर 18 रुपये एमआरपी पर मिल रही है।
इस बाबत उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने आरटीआई के जवाब में इस प्रश्न का जवाब यह कहकर देने से मना कर दिया कि यह प्रश्न अनुमानित है। इस बाबत बिजनेस भास्कर के संवाददाता के पास एक ही कंपनी की एक लीटर बोतल को दो अलग-अलग एमआरपी से बिक्री करने का साक्ष्य उपलब्ध है।
भारतीय मानक ब्यूरो ने आरटीआई के तहत दिए गए जवाब में बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा आईएस 14543:2004 पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर को राजपत्र अधिसूचना जी.एस.आर 760() के माध्यम से भारतीय मानक ब्यूरो के अनिवार्य प्रमाणीकरण के तहत लाया गया है।
इसके अनुसार कोई भी व्यक्ति भारतीय मानक ब्यूरो सर्टिफिकेट चिन्ह के बिना पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की मैन्युफैक्चरिंग, उसकी बिक्री और प्रदर्शन नहीं कर सकता है।
देश भर में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की बिक्री कई कंपनियों द्वारा की जा रही है पर देश में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की कीमत सभी कंपनियों ने अपने हिसाब से तय कर रखी है। बाजार में एक लीटर पानी की बोतल 10 रुपये से 18 रुपये की कीमत के बीच में कई ब्रांड नामों से बिक रही है जबकि दो लीटर पानी की बोतल का मूल्य 20-25 रुपये के बीच में बाजार में उपलब्ध है।
वहीं मॉल के अंदर एक लीटर पानी की बोतल के लिए 40 रुपये और आधे लीटर की पानी की बोतल के लिए 20 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। लेकिन सरकार का कहना है कि यह प्रश्न अनुमानों पर आधारित है। सरकार भले ही अनुमानों के जाल में उलझी हो लेकिन मॉल में उपभोक्ताओं की जेब से एक लीटर पानी के लिए ४० रुपये निकाले जा रहे हैं।

दिल्ली बनेगा खाद्य सुरक्षा देने वाला पहला राज्य


दिल्ली बनेगा खाद्य सुरक्षा देने वाला पहला राज्य
आर एस राणा/सचिन यादव | Jul 09, 2013, 03:45AM IST


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तैयारी - खाद्य सुरक्षा बिल लागू करने की तैयारी में दिल्ली सरकार

योजना
राजीव गांधी के जन्मदिन 20 अगस्त से हो सकती है शुरुआत
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने की खाद्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रो. के वी थॉमस से मुलाकात
आगामी चुनावों में लाभ लेने की जुगत में है दिल्ली सरकार
मुख्यमंत्री ने 9 जुलाई को बुलाई है संबंधित अधिकारियों की बैठक

नई दिल्ली। वर्ष 2013 के अंत में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी राज्य सरकार ने अभी से शुरू कर दी है। दिल्ली सरकार खाद्य सुरक्षा बिल को लागू करने की जुगत में लग गई है। खाद्य सुरक्षा बिल को लागू करने की तारीख भी राज्य सरकार ने तय कर ली है।
20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जन्मदिन है। इसी दिन से दिल्ली में खाद्य सुरक्षा बिल लागू करने की राज्य सरकार की योजना है। इस तरह दिल्ली खाद्य सुरक्षा बिल को लागू करने वाला पहला राज्य बनने जा रहा है।
भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और दिल्ली के खाद्य मंत्री ने सोमवार को खाद्य एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रो. के वी थॉमस के साथ बैठक की। इस बैठक में दिल्ली में खाद्य सुरक्षा बिल को लागू करने के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में खाद्य सचिव (भारत सरकार) सुधीर कुमार के अलावा दिल्ली सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस बाबत 9 जुलाई को संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में खाद्य सुरक्षा बिल को लागू करने के तौर-तरीकों पर विचार किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में दिल्ली में खाद्य सुरक्षा बिल को 20 अगस्त से शुरू करने पर सहमति बन गई है। इससे दिल्ली में रहने वाले लाखों लाभार्थियों को फायदा होगा। दिल्ली सरकार को चुनाव में खाद्य सुरक्षा बिल से सीधा फायदा होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नीत अन्य राज्य सरकारें भी खाद्य सुरक्षा बिल को लागू करने पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है। कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार को आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान इसका फायदा मिलने की संभावना है।
खाद्य सुरक्षा विधेयक को अध्यादेश के जरिए लागू करने पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मंजूरी दे चुके हैं। खाद्य सुरक्षा विधेयक के तहत लाभार्थियों को 3 रुपये प्रति किलो की दर से चावल, 2 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं और 1 रुपये प्रति किलो की दर से मोटे अनाजों का आवंटन किया जायेगा।
इसके तहत देश की करीब 67 फीसदी जनता को लाभ होने की उम्मीद है। इसमें समान तौर पर परिवार के प्रत्येक सदस्य को हर महीने पांच किलो अनाज आवंटन की योजना है।


सोमवार, 1 जुलाई 2013

Love, Friendship and Hindi Film Industry



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